Friday, January 31, 2020

मध्यप्रदेश दुकान एवं स्थापना अधिनियम में संशोधन















    श्रम विभाग द्वारा मध्यप्रदेश दुकान एवं स्थापना अधिनियम 1958 के नियम 4 एवं 5 के स्थान पर नये नियम बनाये गये हैं। अब धारा 6 की उपधारा (3) के अधीन दिया गया रजिस्ट्रीकरण प्रमाण-पत्र नियोक्ता द्वारा यथा अधिसूचित बंद किये जाने की तारीख तक विधिमान्य रहेगा। धारा 6 की उपधारा (2) के अधीन रजिस्ट्रीकरण प्रमाण-पत्र के लिए तीन कर्मचारियों तक की स्थापनाओं के लिए 200 रूपये और तीन से अधिक कर्मचारियों वाली समस्त स्थापनाओं के लिए 250 रूपये रजिस्ट्रेशन फीस निर्धारित की गयी है।
    सभी नियोजक जिन्होंने 15 फरवरी 2014 के पहले रजिस्ट्रीकरण प्रमाण-पत्र प्राप्त कर लिये हैं, इन नियमों में संशोधन के बाद, अनिवार्य रूप से प्रमाण-पत्र प्राप्त करेंगे। रजिस्ट्रीकरण या नवीनीकरण के स्थान पर केवल रजिस्ट्रीकरण शब्द का ही उपयोग किया जायेगा।     





 

 



 



विशिष्ट अवसरों पर बंद रहेंगे पशुवध गृह एवं मांस बिक्री दुकानें















    राज्य शासन द्वारा विशिष्ट अवसरों पर स्थानीय नगरीय निकायों की सीमा में स्थित पशुवध गृहों एवं मांस बिक्री की दुकानों को बंद रखे जाने के निर्देश दिए गए है। जिसके तहत गणतंत्र दिवस, गांधी निर्वाण दिवस, महावीर जयंती, बुद्ध जयंती, स्वतंत्रता दिवस, गांधी जयंती, रामनवमी, डोल ग्यारस, पर्यूषण पर्व का प्रथम दिन, पर्यूषण पर्व का अंतिम दिन, अनंत चतुर्दशी, जन्माष्टमी, संत श्री जिनतरूण तारण जयंती, पर्यूषण पर्व में सवस्तरी श्वेताम्बर जैन, भगवान महावीर के 2500वे निर्वाण, चैतीचांद, गणेश चतुर्थी शामिल है।
    कलेक्टर श्रीमती अनुग्रहा पी ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी को निर्देश दिए है कि शिवपुरी जिले के स्थानीय निकाय की सीमा के भीतर इन दिवसों में पशुवध गृह एवं मांस बिक्री दुकानों को बंद रखे जाने हेतु कार्यवाही किया जाना सुनिश्चित करें।    





 

 



 



 यह फोटो- इन पंतियों के साथ लगेंगी

एक तरफ सूबे के मुखिया कानपुर के गंगा बैराज पर मां गंगा यात्रा का स्वागत कर रहे थे, लोगों को गंगा की स्वच्छता, निर्मलता का संकल्प दिलाई साथ  ही लोगों से केमिकल का प्रयोग न करने की अपील भी लेकिन लेकिन कानपुर के अधिकारी गंगा स्वच्छता को लेकर कितना प्रयासरत है यह इस तस्वीर में  साफ दिखायी दे रहा है। यह नजारा जाजमऊ क्षेत्र का है जहां दो युवक गंगा किनारे मल त्याग कर रहे है। सूत्रों की माने तो यहां सैकडो की संख्या में आस-  पास रहने वाले नित्य यह क्रिया गंगा के किनारे करते है ऐसे में गंगा की स्वच्छता पर सारे प्रयास विफल ही साबित होंगे। ऐसा यहीं नही कई स्थानो पर भी  है लेकिन सम्बन्धि अधिकारी भी क्या करे जनता है जो जागरूक ही नही होती।




 



 गंगा यात्रा का कानपुर में भव्य समापन

प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया गंगा यात्रा का स्वागत
 सीएम योगी ने मां गंगा की आरती कर कमेकल का प्रयोग न करने की अपील की
 लोगों को दिलाया स्वच्छ, निर्मल, अविरल गंगा का संकल्प
 उपमुख्यमंत्री, जलशक्ति मंत्री के अलावा अन्य मंत्री, सांसद, विधायक व पदाधिकारी रहे उपस्थित
 फर्रूखाबाद घटना को लेकर कानून की तारीफ की
कानपुर नगर, देश की आत्मा और हजारो मान्यताओं की जननी मां गंगा के साथ भारत के करोडो लोगों की आस्था जुडी है। उसी मांग गंगा के लिए बलिया और बिजनौर से चली दो गंगा यात्राओं का संगम शुक्रवार को कानपुर के गंगा बैराज पर हुआ। इस विलक्षण अवसर पर उ0प्र0 के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, जलशक्ति मंत्री डा0 महेंन्द्र सिहं के साथ उपस्थित अनेक मंत्रियों ने गंगा यात्रा का स्वागत किया। बिजनौर की अरे से आने वाली गंगा यात्रा पहले गंगा बैराज पहुंची उसके उपरान्त बलिया से आने वाली यात्रा शुक्लागंज से रवाना होकर शहर के  विभिन्न घाटों  गुप्तारघाट, सरसैया घाट, परमट घाट से होते हुए अटल घाट पहुंची और यहां दोनो यात्राओं का भव्य मिलन हुआ। गंगा यात्रा के स्वागत  के उपरान्त योगी आदित्यनाथ अटल घाट पहुंचे, उन्होने घाट पर पूजन करने के साथ ही मां गंगा की आरती की। इसके उपरान्त वह नषाद पार्क पहंुचे ,  जहां उन्होने जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि कानपुरवासी जानते है कि नमामि गंग का सबसे क्रिकटकल प्वांट यही था, लेकिन उसमें यहंा पर  बदलाव हुआ है। उन्होने कहा जब इसकी रिपोर्ट प्रधानमंत्री को दी तो उन्होने राष्ट्रीय गंगा परिषद की पहली बैठक यहीं पर रखी। कहा पहले जाजमऊ में  मछलियां मारी जाती थी, लेकिन अब स्थिति सुधरी है, लोग नमामि गंगे परियोजना से गंगा में डुबकी लगा रहे है। उन्होने कहा गंगा यात्रा के दौरान पांच दिनो  में विभिन्न रचनात्मक कार्यक्रम हुए साथ ही उन्होने गंगा के किनारे के गावों के निवासियों से अपील की कि केमिकल का उपयोग न करे साथ ही मौजद लोगो
को गंगा की निर्मलता, अविरलता व स्वच्छता का संकल्प दिलाया। उन्होने कहा कानपुर मी पीएम ने मंत्र दिया था कि गंगा आस्था के साथ अर्थव्यवस्था का भी  मार्ग है। उन्होने फर्रूखाबाद की घटना को लेकर कहा कि एक दरिंदा 26 बच्चों को कब्जे में लिए हुआ था, जो मां गंगा की कृपा से मुठभेड मारा गया और सभी  बच्चों को सकुशल बचा लिया गया। कहा कानून ने बढिया काम किया है। यात्रा समापन कार्यक्रम अवसर पर ग्रामीण अभियंत्रण मंत्री मोती सिंह, गन्ना विकास मंत्री  सुरेश राणा, प्रदेश राज्य जल शक्ति मंत्री बलदेव सिंह, कैबिनेट मंत्री सतीश महाना, मंत्री नीलकंठ, बैबिनेट मंत्री कमलरानी वरूण, मंत्री विजय कश्यप, कपिल अग्रवाल,  मंत्री नीलिमा कटियार, प्रदेश अध्यक्ष स्वतत्रं देव सिंह, प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल, मानवेंद्र सिंह, सांसद देवेंद्र सिंह भोले तथा पार्टी से जुड विधायक व  पदाधिकारी उपस्थित रहे।