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प्रदेशों की सरकारों पर शर्म आ रही है देश की सुरक्षा मैं किसान का बेटा शहीद हो भुखमरी और सड़कों पर आत्महत्या कर रहा है: हनीफ वारसी
May 20, 2020 • Brajesh Kumar Mourya • उत्तर प्रदेश
दैनिक अयोध्या टाइम्स,रामपुर- भा कि यू के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोहम्मद हनीफ वारसी ने कहा कि देश व प्रदेशों की सरकारों पर शर्म आ रही है देश की सुरक्षा मैं किसान का बेटा शहीद हो देश दुनिया को पालते पालते किसान कर्ज में दबकर आत्महत्या कर रहा है।और किसान का बेटा ही देश का निर्माण करते-करते आज भुखमरी और रोड सड़कों पर बेमौत मारा है जिसको मीडिया मजदूर कह रही है वह किसान योद्धा का बेटा है।अदानी अंबानी टाटा बिरला जैसे उद्योगपतियों बनाने वाला यही किसान का बेटा मजदूर है देश का निर्माण करने वाला देश की तरक्की में चार चांद लगाने वाला आज सड़कों पर लावारिस की तरह घूम रहा भूखा प्यासा यह देख कर आज बहुत अफसोस हो रहा है अंदर की आत्मा रो रही है मैं पूछना चाहता हूं उन टीवी चैनलों से जो रात दिन हिंदू मुसलमान दिखाते रहते हैं और मैं उन घटिया लोगों से पूछना चाहता हूं टीवी बैठकर हिंदू मुसलमान को बांटकर नफरत फैलाते हैं आज वह लोग कहां हैं वह झूठे भेड़िए कहां हैं आज उन्हें यह नहीं दिखाई दे रहे हैं भूखे प्यासे हम किसानों को अब सोचना पड़ेगा किन धोबियों को लोकसभा और विधानसभा से बाहर करना होगा जो हिंदू मुसलमान के नाम पर वोट लेकर विधायक मंत्री एमपी मुख्यमंत्री बड़े-बड़े मंत्री बन जाते हैं उसके बाद हम देश के अन्नदाता किसान मजदूर को भूल जाते हैं। प्रधानमंत्री जी आप चुप क्यों हैं इस भुखमरी और बेमौत मर रहे मजदूरों पर आप चुप क्यों हैं क्या आप आपकी सरकार और प्रदेशों की सरकार इस लायक नहीं है किन मजदूरों को भर पर रोटी खिला सके इनके खातों में ₹10000 डाल सके अंदानी चौकसी जैसे चोरों के 68000 करोड रुपए माफ हो सकते हैं लेकिन गरीब देश के निर्माणाधीन के लिए कोई पैसा नहीं है अमेरिकी राष्ट्रपति के स्वागत के लिए 125 करोड़ रुपए खर्च हो सकते हैं लेकिन इस मजदूर के लिए किसान के बेटे के लिए आपकी सरकारों के पास सिर्फ ठोकरे खिलाने के अलावा कुछ नहीं है अभी ज्यादा दिन नहीं चलने वाला है जिस दिन किसान जागृत हो गया उस दिन अंदाजा लगाइए क्या होगा अब हिंदू मुसलमान को लड़ाना बंद करिए और किसान और किसान के परिवार के लिए कुछ करिए बहुत हो गया ढोंग बहुत हो गया अब बर्दाश्त नहीं होगा आज के हालात देखते हुए बाबा स्वर्गीय महात्मा टिकैत याद आ रहे हैं अगर वे जिंदा होते लोकसभा और विधानसभा में घुसने नहीं देते फर्जी राष्ट्रवाद वालों को धीरूभाई अंबानी क्या थे उन्हें दुनिया में उनके बेटों को दुनिया में रोशन करने वाला यही मजदूर है टाटा बिरला जितने बुध पति हैं सबको मालामाल करने वाला यही गरीब है इन उद्योगपतियों का इतिहास उठा कर देखो जिसके पास छोटी फैक्ट्री हुआ करती थी आज हजारों फैक्ट्रियां हैं लाखों पेट्रोल पंप हैं दुनिया में कारोबार है किसके बदौलत इन्हीं मजदूरों की बदौलत आज ही ने उद्योगपतियों को शर्म नहीं है जरा सी भी मजदूरों को 2 महीने की तनख्वाह नहीं दे सके यह लोग इसलिए नहीं दे सके क्योंकि सरकार उद्योगपतियों की सपोर्ट कर रही है सरकार अगर चाहे तो उद्योगपति 1 साल की तनख्वाह मजदूरों के घर पहुंचा दे पैसे वाले के लिए कोई कानून नहीं है अब तक सैकड़ों मजदूर सड़कों पर जान गवा चुके हैं एक्सीडेंट के कारण इस्लाम लोन में सरकार ने मरने वालों को दो ₹200000 देने की घोषणा की है मुझे शर्म आती है ऐसी सरकारों पर उनके परिवार के पास खाने कमाने कोई जरिया नहीं है उन्हें ₹200000 देने की सरकार घोषणा करती है और जिन लोगों के पास नौकरी और दुनिया भर की दौलत है उन्हें एक-एक करोड़ पर की देने की घोषणा करती है मजदूरों को कम से कम 5000000 रुपए देने की घोषणा करें और दे सरकार आने वाले वक्त में किसान और मजदूर सब इकट्ठा होकर इन्हें सत्ता से बेदखल करेंगे यह सत्ता में रहने लायक नहीं है पूरे देश की सरकार है बेनकाब हो गई है सभी प्रदेशों के मुख्यमंत्री सत्ता में रहने लायक नहीं है प्रशासन भी मजदूरों का दुख नहीं समझ पा रहा है अधिकारियों को मानवता दिखानी चाहिए सरकारें आती हैं जाती हैं आज किसी की कल किसी की कुछ जगहों पर अधिकारियों का रवैया निंदनीय है मजदूर भूखे मर रहे हैं पुलिस लाठियां बरसा रही है उन पुलिसवालों को भी शर्म आनी चाहिए यह तुम्हारे ही परिवार के लोग हैं लाठी बजाते हुए दया नहीं आ रही विधायक एमपी मंत्री कहने को तो समाज सेवा के नाम से जाने जाते हैं लेकिन व कायदे हर महीने लाखों रुपए की तनखा लेते हैं तो यह देश के साथ धोखा नहीं है तो क्या है किस चीज की तनख्वाह और गरीब मजदूर 60 साल पूरे कर चुके कर चुके वृद्धों को पेंशन के नाम पर ठेंगा किसानों को समय से गन्ने का भुगतान नहीं किसान कर्ज में दबकर मर रहा है उसकी तरफ कोई ध्यान नहीं 20 लाख करोड रुपए की घोषणा कर किसानों को कर्ज पर कर देने के बाद केंद्र सरकार कर रही है केंद्र सरकार की मंशा है कि किसान पूरी तरह से भूमि इन हो जाए पहले का लिया हुआ कर्ज किसान नहीं दे पाएगा तो आगे ही आगे कालिया व कर्जा कहां से दे पाएगा पहले किसान को पूरी तरह कर्जा मुक्त किया जाए इन उद्योगपतियों में जरा भी अगर मानवता है थोड़ी भी इंसानियत है तो फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों के खाते में लव डॉन समाप्त होने तक इमानदारी से पूरी तरह डालनी चाहिए और अगर जो दो पति ना डालें तो केंद्र सरकार उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें कितना पैसा है 92 पति के पास के एक खाली अंबानी परिवार पूरे देश के मजदूरों को 50 ₹50000 भी दे सकता है।