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 "कलयुग के रिश्ते"
May 31, 2020 • Brajesh Kumar Mourya • लेख
आधुनिक युग में सबसे चिंतनीय विषय है,तो वो है खराब होते रिश्ते,इसके पीछे कहीं न कहीं ऐसे मनुष्यों का हाथ है जिनकी सोच का स्तर अत्यन्त निकृष्ट है व दूसरों को बहकाकर रिश्तों में दरार पैदा करना इनका पेशा है। अगर देखा जाय तो हर तरफ रिश्ते तार-तार हो रहे हैं।पारिवारिक रिश्तों की बात की जाए तो इस समय इन रिश्तों का सबसे बुरा हाल है।लोग दूसरे के बहकावे में आकर अपनो से रिश्ते तोड़ देते हैं।और जो लोग बहकाने वाले होते हैं,वो समझते हैं कि उनके कारनामे छिप जाएँगे।ऐसा नही है,मनुष्य से गलती हो सकती है,कि वो गलत ना पकड़ पाए,परन्तु उसके(ईश्वर) बारे में सोचिए जो बहुत बड़ा सी०सी०टी०वी० कैमरा रखे हुए है और उसके कैमरे की क्वालिटी इतनी बढ़िया है,की उससे कोई नही बच सकता।
                                          अक्सर दूसरों के द्वारा कानों में जहर भर देने के कारण हम अच्छे से अच्छे रिश्ते तोड़ देते हैं,पर एक बार भी हम विचार नही करते कि जो दूसरा कोई हमे बहका रहा है वो सच भी कह रहा है या नही।बस इसी गलती के कारण अच्छे से अच्छे रिश्ते हमेशा-हमेशा के लिए खत्म हो जाते हैं।इस कलयुग में होशियार होने की जरूरत है क्योंकि जो आपका बहुत करीबी है वही आपको गर्त में धकेल देगा,अतः सतर्क रहिये और अपने आंख से देखी व कान से सुनी बात पर ही विश्वास कीजिये।ऐसा कर के उनके मुंह पर तमाचा जड़ दीजिये जिनकी सोच निम्न कोटि की है।